बुधवार, 17 जनवरी 2024
सोमवार, 13 फ़रवरी 2023
गुरुवार, 19 जनवरी 2023
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स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं में सुसंस्कार को बताया प्राथमिक आवश्यकता: डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
राष्ट्रीय सेवा योजना में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ख्यातिलब्ध लेखिका डॉ. कविता भट्ट शैलपुत्री ने कहा कि भारतवर्ष सर्वाधिक युवाओं का देश है। देश को आगे बढ़ाने में युवाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए स्वामी विवेकानंद जी द्वारा दिए गए जीवन के अनेक सिद्धांतों में से शुद्धता, धैर्य, दृढ़ता प्रेम और सहिष्णुता ऐसे सूत्र हैं जो युवाओं को अपने जीवन में अपनाने चाहिए। डॉ कविता भट्ट ने कहा कि विवेकानंद जी ने कठोपनिषद के सूत्र उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत अर्थात् उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक वरेण्य जन से सान्निध्य द्वारा बोध जैसे पावन उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समर्पण भाव से प्रयास करते रहो। यही जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए।
डॉक्टर
भट्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा वह है जो सुसंस्कार प्रदान करे और सुसंस्कार हमारे जीवन
में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हैं । सुसंस्कृत होकर युवाओं को आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण के साथ
अपना, अपने राष्ट्र और विश्व के लिए उन्नयन का मार्ग प्रशस्त
करना चाहिए। आज छोटी-छोटी चुनौतियों से घबराकर
युवा तनाव, अवसाद और दुश्चिंता के कारण या तो नशे की ओर चले जाते
हैं या फिर आत्महत्या कर लेते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए स्वयं पर विश्वास रखते
हुए हमेशा अच्छे प्रयास करते हुए अपने स्वर्णिम भविष्य के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए। प्रेम और सहिष्णुता जीवन का आधार हैं। अच्छे जीवन
दर्शन के रूप में हमें राष्ट्र, प्राणियों, प्रकृति, समाज और मानव समाज से प्रेम करना आवश्यक है।
3-संस्कृत समाचार निम्नलिखित लिंक पर-
मंगलवार, 29 नवंबर 2022
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डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
(नीलाम्बरा का आरम्भ 26 नवम्बर 2017 को हुआ था। अपने पाँच वर्ष पूरे करने के बाद इस अन्तर्जाल ने 27 नवम्बर से छठे वर्ष में प्रवेश किया। 27 को ही इस सम्मान की घोषणा हुई। अंक6 और 4 का बहुत महत्त्व है। 6 अप्रैल जन्म होने के कारण। पुरस्कार की सूची में 4 का क्रम। )
बुधवार, 22 दिसंबर 2021
शनिवार, 25 सितंबर 2021
278-गुणवत्तापरक शिक्षण ही राष्ट्र की समग्र उन्नति का आधार : डॉ कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, चडीगाँव, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड में
दिनांक 23 व 24 सितम्बर को दो दिन तक बालसखा- प्रकोष्ठ का सुझाव तथा मार्गदर्शन आधारित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मार्गदर्शन एवं परामर्श कार्यक्रम में जनपद पौड़ी के विभिन्न विकासखंडों से लगभग 30 शिक्षकों ने विद्यार्थियों के समग्र उन्नयन और भावनात्मक संतुलन को बनाये रखने के लिए आवश्यक व्यवहारगत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
मंगलवार, 3 अगस्त 2021
सोमवार, 21 जून 2021
रविवार, 26 नवंबर 2017
प्रगति-पथ-
प्रबुद्ध साहित्यकार मित्रो , आप सभी की शुभकामनाओं के फलस्वरूप मुझे हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिका "साहित्य ऋचा" की उत्तराखण्ड प्रान्त की स्थानीय सम्पादिका मनोनीत किया गया है। मैं पत्रिका के प्रधान सम्पादक आदरणीय डॉ0 अशोक मधुप जी, स्वामिनी एवं प्रबंध सम्पादिका आदरणीया श्रीमती प्रियंवदा राय जी एवं संपादक आदरणीय डॉ0 अरुण सागर जी का हार्दिक आभार ज्ञापित करती हूँ। वचन देती हूँ कि साहित्यिक स्वच्छता हेतु समर्पित भाव से यथोचित एवं प्रासंगिक रचनाधर्मिता पर केन्द्रित रहूँगी तथा ऐसे ही रचनाकारों का समर्थन करूँगी। आदरणीय डॉ0 अशोक जी द्वारा प्राप्त मेल आप सब के साथ साझा कर रही हूँ। 













