ज्योति नामदेव (हरिद्वार उत्तराखण्ड)
भारतवर्ष में ऐसे चमके, ज्यों दुल्हन की बिंदी
समूचे भारत की भाषाओं की सखी -सहेली हिन्दी
प्रिय, प्रयोगात्मक, व्यावहारिक, वैज्ञानिक भाषा हिन्दी
स्वरूप इसका लचीला, सुन्दर भावनात्मक है हिन्दी
विभिन्न प्रदेशों की
प्यारी, है भाषा अपनी हिन्दी
भारतवर्ष में ऐसे चमके, जैसे दुल्हन की बिंदी ।
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