नमन/ डॉ. कनक लता
माँ सरस्वती, माँ शारदे, माँ शारदे, माँ सरस्वती
तू ज्ञान का वरदान दे, माँ ज्ञानदा,
माँ भारती
माँ सरस्वती…
धुन तेरी वीणा की बजे, हो हृदय में
तेरा ही वास,
स्वर तेरे गूंजे मेरे स्वर, जीवन बने तुझसे
उजास
करूँ वंदना, करूँ प्रार्थना, अभ्यर्थना, करूँ स्तुति
माँ सरस्वती..
मिट जाएँ सब मन के विकार, जो हो श्वास
में तेरा निवास
अन्तःकरण हो दीप्तिमान, कर ज्ञान
ज्योति का प्रकाश
सब कुछ मेरा तेरी सर्जना, गाऊँ तेरी ही
अनुश्रुति
माँ सरस्वती….
हो आत्म बोध हो, मन प्रबल,
चैतन्य मन में तेरा वास
आनंद हो या वेदना, अवलंब तू,
तेरी ही आस
दृष्टि तू मेरी दिव्य कर, माँ दूर कर सब
विकृति
माँ सरस्वती…
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भावपूर्ण वंदना, हार्दिक बधाई
जवाब देंहटाएंउतम सरस्वती वंदना
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