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परिचयः डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
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रविवार, 15 नवंबर 2020
177- नदी के आगोश में
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डॉ कविता भट्ट 'शैलपुत्री' 1 लिपटा वहीं घुँघराली लटों में मन निश्छल, चाँद झुरमुटों में न भावे जग-छल । 2 ढला बादल नदी के आगोश में हुआ...
13 टिप्पणियां:
मंगलवार, 10 नवंबर 2020
176-प्रथम अनिवार्य प्रश्न-सा
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प्रथम अनिवार्य प्रश्न - सा डॉ . कविता भट्ट ' शैलपुत्री ' पहाड़ियों से बहती बयार ; मेरे तन-मन को छूकर संगीत के साथ बहती है...
3 टिप्पणियां:
रविवार, 8 नवंबर 2020
175-तू प्रेमघन
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डॉ.कविता भट्ट 'शैलपुत्री' 1 शुष्क पवन मरुभूमि जीवन तू प्रेमघन। 2 जग -जंजाल झूठा यह मधुदेश तुम विशेष। 3 तोड़ो बन्धन ...
14 टिप्पणियां:
बुधवार, 28 अक्टूबर 2020
174-ओ समय !
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डॉ.कविता भट्ट 'शैलपुत्री' ओ समय ! तुझे कहते सभी बलवान, मैं भी पहाड़ी नदी हूँ, यदि तू है कठोर चट्टान l तेरा कठोर सीना चीर, बलवत...
10 टिप्पणियां:
रविवार, 25 अक्टूबर 2020
173
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विजयादशमी शुभकामनाओं सहित : किसे जलाया जाए ? डॉ . कविता भट्ट ' शैलपुत्री ' जब सरस्वती दासी बन ; लक्ष्मी का ...
5 टिप्पणियां:
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