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परिचयः डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
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बुधवार, 9 जनवरी 2019
100-जीवन
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डॉ.कविता भट्ट जीवन मेरा प्रिय मीत न जाने क्यों भयभीत निःशब्द और निरुत्तर आज मृत्युशय्या पर तुम नयन पट खोलो मुख से कुछ तो बोलो...
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बुधवार, 2 जनवरी 2019
99-उत्तराखंड बनाम विकास
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ज्योति नामदेव [अध्यापिका , कर्णप्रयाग , उत्तराखण्ड] वाह ! मेरा उत्तराखंड अटठारह वर्ष का हो गया पहाड़ का कण-कण दर्द से ता र - त...
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सोमवार, 31 दिसंबर 2018
98-ओ कालखण्ड 2019!
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डॉ . कविता भट्ट अपनी गर्म उँगलियों से तुम्हारी सर्द हथेली पर चिरयौवना आस से नवजीवन का प्यार लिखूँगी । कलम की ...
10 टिप्पणियां:
सोमवार, 24 दिसंबर 2018
97
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डॉ . कविता भट्ट दिल को खूँटी पर लटका , दिमा ग़ खूब चला मोहरे। जीने के लिए मिली थी , ज़िन्दग़ी शतरंज बन ग ई । दिन-रात ,कभी श...
6 टिप्पणियां:
गुरुवार, 20 दिसंबर 2018
96-यदि तुम रहो प्रिय! साथ में
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डॉ. कविता भट्ट बादलों पर नित पग धरूँ गगनपथ पर मैं डग भरूँ यदि तुम रहो प्रिय! साथ में चाँद का दर्पण निहारूँ तप्त तन को मैं सँव...
6 टिप्पणियां:
सोमवार, 3 दिसंबर 2018
95- मित्रता
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ज्योति नामदेव एक दिवस की बात , चारों ओर संग्राम , संग्राम में दोनों ओर की , सेना निरंतर थी लड़ रही. तभी मधुसूदन की उँगली म...
16 टिप्पणियां:
सोमवार, 26 नवंबर 2018
94-अब तुम करो प्रहार !
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अब तुम करो प्रहार ! डॉ. कविता भट्ट ' शैलपुत्री ' घाटी में रोता-चीखता बूढ़ा खड़ा चिनार तिरंगे में लिपट आ ए अब तक शहीद ...
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