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परिचयः डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
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गुरुवार, 30 मई 2019
बहार
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ज्योति नामदेव मौसम तो लाया है बहार किन्तु बिखर चुका मेरा संसार ये प्रकृति मेरे लिए बनी है अंगार बस तुम एक बार आ जाओ...
2 टिप्पणियां:
मंगलवार, 28 मई 2019
तुम और मेरा प्यार
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1 टिप्पणी:
बुधवार, 22 मई 2019
रचनाकार
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1- ओह! चाँद / डॉ. कविता भट्ट चाँद हथेली पर उग नहीं सका ...
1 टिप्पणी:
रविवार, 19 मई 2019
बुद्ध-चरित
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डॉ.कविता भट्ट 'शैलपुत्री' लेखनी उठी बुद्धचरित लिखने मौन और विदीर्ण लगी दिखने। अब बुद्ध पूर्णिमा अवसान पर है , ...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 17 मई 2019
दो कविताएँ
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ज्योति नामदेव 1- फिर याद आई आँखें छलकने पर , एक गुमसुम कहानी याद आई आज फिर एक , याद कोई चोट पुरानी आई ******************...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 14 मई 2019
माँ
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माँ .....डॉ. कविता भट्ट माँ जब मैं तेरे पेट में पल रही थी मेरे जन्म लेने की ख़ुशी का रास्ता देखती तेरी आँखों की प्रतीक्षा...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 8 मई 2019
अमर उजाला में मेरे हाइकु-डॉ.कविता भट्ट 'शैलपुत्री,
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1 टिप्पणी:
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