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परिचयः डॉ. कविता भट्ट 'शैलपुत्री'
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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019
खून का रंग हो गया है सुर्ख लाल
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आज खून का रंग हो गया है, सुर्ख लाल इंडियन फोर्स आतंकियों का, बन कर आई है काल भारत जमीं है शेरों की नस -नस में बह रही, ...
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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019
अब भारत माँ की बारी है
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ज्वार दिलों में,गर्म है लावा शोला, हर जवान चिंगारी है। नापाक ने आँखें टेढ़ी की थीं अब भारत माँ की बारी है। हम शान्ति दूत...
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रविवार, 17 फ़रवरी 2019
105-युवा लेखनी
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1- मोहन लाल 1 करते रहे हैं सदा वतन की तो रक्षा जो उनका तो हमेशा ही सम्मान होना चाहिए भारत भूमि के लिए प्राणों को गवाँते हैं जो ...
10 टिप्पणियां:
गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019
हुनर
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जीवन की परखनली में नए-नए रसायन डालकर गुलाबी रंग बना रहा हो जो उसी वैज्ञानिक से पूछो रंगों के आविष्कार और उनमें ढलने का हुनर। ...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 13 फ़रवरी 2019
मोसुल की लड़कियाँ
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बड़ी खूबसूरत हैं मोसुल की लड़कियाँ । बिकने को मजबूर हैं , मोसुल की लड़कियाँ । क्या दाम हैं , आँखों से करें तय ...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019
तू मानवी है- अखंडित
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ज्योति नामदेव बंद कर बहाना आँखों से पानी क्या कहूँ , कैसे कहूँ , नारी तेरा बखान आज तक तू खुद ही है , अपने से अनजान कस्तूरी मृग जैसे...
7 टिप्पणियां:
रविवार, 3 फ़रवरी 2019
101
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डॉ.कविता भट्ट 1 कोई भी अपना नहीं , ना ही जाने पीर। ओ मन अब तू बावरे , काहे धरे न धीर।। 2 ऐसे तुम रूठे पिया , ज्यों मावस में चाँद। आ...
3 टिप्पणियां:
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